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श्री राम भक्ति मार्ग : असली सनातनी 🔥

मनुष्य के शब्द और व्यवहार बताते हैं कि मनुष्य के भीतर कितनी मलिनता और कितनी शुद्धता भरी हुई है। श्री राम असली सनातनी के प्रतीक हैं। उन्होंने कभी भी दूर शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया चाहे वह रावण के लिए ही क्यों न हो। उनका हर शब्द धर्मसंगत और करुणा से भरा हुआ होता था। श्री राम आपके भीतर भी हैं। अपने अंतरात्मा को जगाइए और अपने शब्दों को और कार्यों को मलिन मत होने दीजिए। असली सनातनी शांत और स्वच्छ मन का होता है। बाहर की मलिनता अपने भीतर मत प्रवेश करने दीजिए। सच्चे सनातनी बनिए। जय श्री राम।

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सच्ची राम भक्ति करनी है तो आओ यहाँ। सनातन धर्म के संस्कार सीखो। हम सबके अंदर श्री राम बसते हैं। अपनी अंतरात्मा को जगाओ।   नोट: इस ब्लॉग में एआई द्वारा निर्मित चित्र होंगे। इनमें कुछ त्रुटियाँ हो सकती हैं। किसी की आस्थाओं को ठेस पहुँचाने का कोई उद्देश्य नहीं है।